"विषैला की भभूती" केवल सतही कॉमेडी नहीं है, बल्कि यह समाज में व्याप्त पर एक हल्का-फुल्का कटाक्ष भी करती है। जिस तरह से लोग अपनी छोटी-बड़ी परेशानियों के लिए तथाकथित चमत्कारी नुस्खों के पीछे भागते हैं, उसे बहुत ही मजाकिया ढंग से दिखाया गया है। कॉमेडी के बीच-बीच में आने वाले पंच और भोजपुरी मुहावरों का प्रयोग इसे और भी प्रभावशाली बनाता है। राम झकीरे का अभिनय
हास्य और व्यंग्य का मेल
इस कॉमेडी की सबसे बड़ी ताकत इसका है। कहानी एक ऐसे तांत्रिक या 'विषैला' पात्र के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी 'भभूती' (राख) से हर समस्या का समाधान करने का दावा करता है। राम झकीरे ने अपनी अदाकारी से इस पात्र में जान फूंक दी है। उनके बात करने का लहजा, शरीर की भाषा (body language) और चेहरे के हाव-भाव इतने सटीक हैं कि दर्शक खुद को ठहाके लगाने से नहीं रोक पाते।
भोजपुरी कॉमेडी में संगीत का अपना महत्व होता है। इस वीडियो का बैकग्राउंड स्कोर और साउंड इफेक्ट्स कॉमेडी की गति को बनाए रखते हैं। संपादन (editing) चुस्त है, जिससे कहानी कहीं भी बोझिल नहीं लगती और दर्शक अंत तक बंधे रहते हैं। निष्कर्ष
ग्रामीण परिवेश और देसी संवाद